🏵रक्षाबंधन पर्व🏵
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार भारत में श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को राखी, श्रावणी, सावनी, और सलूनों के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन राखी के धागे को कवच सा शक्तिशाली माना गया है, जो कच्चे सूत, रंगीन कलावे और रेशमी धागे से निर्मित है। राखी का यह धागा रक्षा के संकल्प का पवित्र प्रतीक है। यह आंतरिक और बाह्य भय के उन्मूलन का पर्व है। इस पर्व भाई-बहन, गुरु-शिष्य, प्रकृति और मनुष्य के मध्य तारतम्य स्थापित कर सक्षम और समर्थ से अबला और कमजोर की सुरक्षा के संकल्प का त्योहार है। पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार 3 अगस्त 2020 को यानि सावन के समापन के साथ पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व सर्वार्थ सिद्धी योग एवं आयुषमान योग की संधि में मनाया जाएगा। इसी दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार राखी बांधने के महुर्त निम्नलिखित है-
शुभ का चोघड़िया प्रातः 9:30 से 11:00 बजे तक रहेगा।
अभिजित मुर्ख दोपहर 12:18 से1:10 बजे तक रहेगा।
लाभ -अमृत का चोघड़िया दोपहर 4:02 से 7:20 बजे तक रहेगा।
Pandit Anjani kumar Dadhich
Nakastra jyotish Hub
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