विश्व और आने वाला साल 2026
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार वर्ष 2026 विश्व स्तर पर बड़े बदलावों, राजनीतिक उथल-पुथल और Ai का बड़ी तीव्रता से प्रचार प्रसार, आध्यात्मिक प्रगति का वर्ष रहने वाला है।
वर्ष 2026 के लिए मुख्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां निम्नलिखित हैं-
ग्रहों का मंत्रिमंडल- वर्ष 2026 में बृहस्पति (गुरु) 'राजा' होंगे और मंगल 'मंत्री' की भूमिका निभाएंगे। यह परिवर्तन शिक्षा और अध्यात्म में उन्नति लाएगा लेकिन मंगल के प्रभाव से राजनीतिक तनाव भी बढ़ सकता है। जो प्रारंभिक वर्ष में नेतृत्व परिवर्तन, जल-संबंधी प्लावन, सैलाब, अग्निकांड, भावनात्मक अस्थिरता व जनता में असंतोष के योग रच रहे हैं। वर्ष के आरंभिक समय में उथल-पुथल, जल और अग्नि से हानि की आशंका बलवती हो रही है। तत्पश्चात 19 मार्च 2026 से संवत 2083 (रौद्र संवत्सर) का प्रारंभ होगा जहां बृहस्पति राजा और मंगल मंत्री अनूठे वैश्विक चित्र रचेंगे। शनि वर्ष पर्यन्त मीन में नए चित्र गढ़ेंगे, राहु कुंभ में, केतु सिंह में संचार करेंगे। जून तक शनि-राहु-केतु योग प्रलयकारी प्रभाव डालेगा। बृहस्पति 2 जून तक मिथुन, फिर कर्क में अक्टूबर अंत तक, तत्पश्चात सिंह में विचित्र गति से रक्षा सुरक्षा को प्रभावित करेगा। ज्योतिष की दृष्टि से देखें तो इस वर्ष का आकाश असामान्य है। गुरु अतिचारी हैं, और जब ज्ञान और विस्तार का ग्रह असहज गति में हो, तो अवसर भ्रम बन जाते हैं और निर्णय दुविधा। यह वह समय है जब धन रहेगा, पर स्थिर नहीं। साधन होंगे, पर संतोष नहीं। निवेश में उतावलापन, योजनाओं में असंतुलन और भविष्य को लेकर एक अदृश्य बेचैनी समाज में व्याप्त होने की संभावना है। इसी कालखंड में शनि अपना न्यायासन संभाले हुए हैं। शनि न क्रूर हैं, न दयालु वे केवल निष्पक्ष हैं। जिन व्यवस्थाओं ने वर्षों तक सतही वृद्धि, उधार की समृद्धि और दिखावटी स्थिरता पर भरोसा किया, शनि अब उनसे हिसाब लेगा। बैंकिंग, कॉर्पोरेट और शासन, ये सारे सेक्टर दबाव महसूस करेंगे। टालमटोल की आदतें, लापरवाह नीतियां और नैतिक शिथिलता सामने आ सकती हैं। आकाश मण्डल में राहु शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। यह स्थिति अचानक बदलाव, तकनीकी उथल-पुथल और अप्रत्याशित घटनाओं की सूचक मानी जाती है।
वैश्विक राजनीति और युद्ध - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और युद्ध जैसी स्थितियां बन सकती हैं। पुरानी शक्तियों के पतन और नई शक्तियों (विशेषकर एशिया की ओर सत्ता का केंद्र खिसकने) के संकेत हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में खटास और टकराव की संभावना भी जताई गई है। बुध वक्री फरवरी, जून-जुलाई, अक्टूबर में संचार-व्यापार को डगमगाएगा। शुक्र अक्टूबर तुला वक्री रिश्तों में दरार डालेगा। भारत की विदेश नीति अपना दशक पुरानी चोला बदलेगी। इस्लामिक देशों में नया ध्रुवीकरण नज़र आयेगा। उत्तर बंगाल के चुनावी परिणाम सत्ताधारीयों को चौंका सकते हैं। विश्व में एक बड़ा देश किसी दूसरे बड़े देश की स्थिर सत्ता को अस्थिर करने का प्रयास करेगा। विश्व में राजनीतिक उथल-पुथल रहेगी। कई पड़ोसी देशों से तनाव मिलेगा। एक बड़ा विश्व नेता कई बड़े बदलाव कर सकता है। एशिया में शक्ति संतुलन के दरमियान संघर्ष परिलक्षित होने की संभावना है। सीमा विवाद, वैश्विक सत्ता पुनर्संरचना दृष्टिगोचर होगी। शनि-राहु-केतु से विश्व, राष्ट्र और प्रांतों, निकायों में नेतृत्व परिवर्तन होगा। पंजाब-कश्मीर-ओडिशा में कुछ समय के लिए अशांति की आशंका है।
आर्थिक स्थिति - यह वर्ष वित्तीय मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में मंदी (रिसेशन) और कर्मचारियों की छंटनी की आशंका है, हालांकि साल के मध्य में स्थिरता आने के संकेत हैं। भारत के लिए घरेलू मांग के कारण आर्थिक विकास मजबूत बना रह सकता है।
प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु- अत्यधिक गर्मी, सूखे और जल स्तर की कमी की संभावनाएं प्रबल हैं। इसके साथ ही भूकंप, सुनामी, चक्रवाती तुफान, ज्वालामुखी फटने और भूस्खलन,कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति भी सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
धातुएं, जिन्स और शेयर मार्केट - वर्षारंभ में दुग्ध संकट, सरसों-जौ-चना-गन्ना अधिक, कीटों से फसल हानि होने की आशंका। पूर्वार्ध में अन्न-फल में कमी, उत्तरार्ध में फलोत्पत्ति उत्तम रहेगी। शेयर बाजार में नया उछाल दरअसल भविष्य में बड़ी गिरावट की पटकथा लिख सकता है, मई-जुलाई में ट्रेडर्स को हानि का सामना करना पड़ सकता है, अक्टूबर के बाद शेयर बाजार की स्थिति विचित्र नज़र आएगी। तकनीक क्षेत्र उन्नति करेगा। धातुओं में उछाल आएगा। सोना-चांदी में प्रारंभिक गिरावट के पश्चात महातेजी दृष्टिगोचर होगी, तब आज की कीमतें सस्ती लगेंगी। मानसून के बाद धातुओं के भाव में उछाल आएगा, अकस्मात किसी खबर से बाजार सहसा स्तब्ध रह सकता है। आने वाले बरसों में तांबा उत्कर्ष की नई कहानी लिखेगा। पांच बरसों में तांबा बड़ी उछाल मार सकता है। बड़े नोटों की कमी होगी।
मनोरंजन और खेल - इस साल में डिजिटल कंटेंट्स का बूम देखने को मिलेगा। नए इन्फ्लुएंसर्स चमकेंगे। उनका क्रेज बढ़ेगा। बॉलीवुड के सब्जेक्ट और आईडिया में बदलाव दिखेगा। खेल क्षेत्र में भारत उन्नति करेगा। अगले ओलंपिक के परफॉरमेंस में कुछ सुधार आएगा, क्रिकेट-एथलेटिक्स में नए सितारे उभरेंगे। मंगल खेल में साहस का सबब बनेगा। कई खिलाड़ी चोटिल होने की आशंका है। आने वाले साल और सालों में कई काबिल खिलाड़ियों के करियर में बदलाव आ सकता है।
तकनीक और नवाचार- वर्ष 2026 में प्रौद्योगिकी (Technology), विशेषकर AI और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में भारत और दुनिया भर में बड़े अनुसंधान और प्रगति होगी। ज्योतिष और विज्ञान के क्षेत्र में नवीन प्रगति देखने को मिलेगी।
प्रमुख खगोलीय घटनाएं - 2026 में कुल चार ग्रहण होंगे जो निम्नलिखित है-
17 फरवरी: कुंभ राशि में कुंडलाकार सूर्य ग्रहण।
3 मार्च: कन्या राशि में पूर्ण चंद्र ग्रहण।
12 अगस्त: सिंह राशि में पूर्ण सूर्य ग्रहण।
28 अगस्त: मीन राशि में आंशिक चंद्र ग्रहण।
अन्य भविष्यवाणियां- बाबा वेंगा जैसी भविष्यवाणियों के अनुसार, 2026 में अंतरिक्ष अनुसंधान में बड़ी प्रगति या एलियंस से जुड़े किसी बड़े खुलासे की संभावना जताई गई है।
निष्कर्ष - कुल मिलाकर, 2026 एक परिवर्तनकारी वर्ष होगा जहाँ मानवता को धैर्य,आध्यात्मिक संरेखण और पुरानी आदतों को छोड़कर आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी। आने वाले साल 2026 को डिजास्टर का वर्ष कहा जा सकता है। लेकिन प्राकृतिक कम, आर्थिक और संरचनात्मक अधिक। ढेरों नौकरियां जाएंगी, विशेषकर आईटी और उससे जुड़े क्षेत्रों में। जहां मशीनें मनुष्य की जगह लेने को तैयार हैं। यातायात को लेकर कोहराम मचेगा। हवाई , रेल और सड़क यात्रा पर नकारात्मक असर होगा। पशुओं को किसी बीमारी या महामारी से कष्ट होने की आशंका है।
लेखक - Pandit Anjani Kumar Dadhich
पंडित अंजनी कुमार दाधीच
Nakshatra Jyotish Sansthan
नक्षत्र ज्योतिष संस्थान
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