केतु की शान्ति एवं उपाय
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार ज्योतिषशास्त्र में केतु को अशुभ ग्रह माना जाता है।अत: जिनकी कुण्डली में केतु की दशा चलती है उसे अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। केतु रात की नींद हराम कर देता है।धन का अनावश्यक अपव्यय करा देता है। पेशाब की बीमारी, जोड़ों का दर्द, सन्तान उत्पति में रुकावट और गृहकलह का कारण भी केतु है। बच्चों से संबंधित परेशानी, बुरी हवा या अचानक धोखा होने का खतरा भी केतु के अशुम होने के कारण बना रहता है।इसकी दशा होने पर शांति हेतु जो उपाय जातक कर सकता हैं उनमें दान का स्थान प्रथम है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार केतु की शांती के उपाय निम्नलिखित हैं -
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार केतु से पीड़ित व्यक्ति को बकरे का दान करना चाहिए।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार कम्बल, लोहे के बने हथियार, तिल, भूरे रंग की वस्तु केतु की दशा में दान करने से केतु का दुष्प्रभाव कम होता है।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार गाय की बछिया और केतु से सम्बन्धित रत्न लहसुनिया का दान भी उत्तम होता है।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार सोमवार के दिन दुध, जल मे काले और सफेद तिल मिलाकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक करे तथा 9 मुखी रुद्राक्ष धारण करें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मंगलवार के दिन किसी गरीब मजदूर नेत्रहीन, कोढ़ी, अपंग को पकौड़ी खिलाने तथा दुरंगा कपड़े का दान करने से केतू ग्रह शान्त होता है। बजरंग बली की पूजा आराधना करें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार गणपति की आराधना करने पर भी केतु का प्रभाव क्षीण होता है।अतः भगवान गणेश की पूजा करें। गणेश के द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार किसी भी रविवार या बुधवार के दिन कोयले के आठ टुकड़े, कीले और ब्लेड को एक कुल्हड़ मे डाल कर उस कुल्हड़ को काले और सफेद कपड़े से बांध कर बहते पानी में प्रवाहित करें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार अगर केतु की दशा का फल संतान को भुगतना पड़ रहा है तो मंदिर में कम्बल का दान करना चाहिए।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार दुरंगे कुत्तों या गाय को खाने का सामग्री दें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार ब्राह्मणों को भात खिलायें इससे भी केतु की दशा शांत होगी।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार किसी को अपने मन की बात नहीं बताएं एवं बुजुर्गों एवं संतों की सेवा करें यह केतु की दशा में राहत प्रदान करता है।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार काले या सफेद तिल को काले वस्त्र में बांधकर बहते पानी में प्रवाहित करें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार पानी में लोबान मिलाकर स्नान करें।
∆पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार काले रंग का रुमाल अपने छोटे भाई या मित्र को उपहार में दें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार केतु के मूल मंत्र 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:' का रात्रि में 40 दिन में 18,000 बार बुधवार को जप करें। कुशा का आसन उसके ऊपर लाल वस्त्र बिछाकर लाल वस्त्र भी धारण करके दक्षिण दिशा के तरफ मुख करके तांबे के कटोरी में जल भरकर जाप आरम्भ करें तत्पश्चात जाप समाप्त होने पर जल का पान कर लें।
∆ पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार कपिला गाय, दुंरगा कंबल, लहसुनिया, लोहा, तिल, तेल, सप्तधान्य, शस्त्र, बकरा, नारियल, उड़द आदि का दान करने से केतु ग्रह की शांति होती है।
Pandit Anjani kumar Dadhich
Nakastra jyotish Hub
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