🌻मूलांक सात के बारे में🌻पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7,16,और 25 को हुआ है तो आपका मूलांक सात होगा। मूलांक सात के प्रतिनिधि ग्रह केतु हैं इसलिए मूलांक सात के व्यक्तियों पर केतु ग्रह की विशेषताओं का विशेष प्रभाव होता है।मूलांक सात वाले गूढ़ विद्या और साहित्य में बहुत रूचि रखते है।
🌹स्वाभाविक विशेषताएं🌹
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मूलांक सात वाले लोग दार्शनिक तथा श्रेष्ठ विचारक हो सकते है इनकी तर्कशक्ति बहुत ही मजबूत होती है। मूलांक सात वाले धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं पर रूढ़ियों एवं पूरानी रीतियों से दूर रहते हैं,धर्म के क्षेत्र में ये परिवर्तनशील विचारधारा रखते हैं, इन्हें धर्म में आडंबर पसंद नहीं है।मूलांक सात वाले व्यक्ति स्वतंत्र विचार के होते है। इनका चित मन अशांत होता है। आप एक विचार अथवा स्थान पर पूरी तरह से टिक कर नहीं रह पाते है। आपके विचारो में प्रतिक्षण बदलाव संभव है। आपके मन में हमेशा कोई न कोई विचार चलते रहता है। यही नहीं आप नकारात्मक विचारो से किसी न किसी रूप में प्रभावित होते रहते है।आप समाज या परिवार में स्पष्ट वक्ता के रूप में प्रतिष्ठित है। आप अपनी बात दृढ़तापूर्वक रखते है किसी से डरते नहीं है। आपमें आत्मविश्वास कूट कूट कर भरा होता हैं। पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मूलांक 7 वाले समाज में प्रतिष्ठित होते हैं। परन्तु कभी कभी साधारण बात को इतना बड़ा बना देते है की उसको संभालना मुश्किल हो जाता है।यह समाज को खुले दिमाग से देखते हैं तथा समाज में हो रहे बदलाव का प्रभाव किस रूप में पड़ेगा पर अवश्य ही विचार करते है। यही कारण है की आप कवि, लेखक या कला प्रेमी होते हैं। आपको इस क्षेत्र में सफलता भी मिलती है।आप में दूसरों के मन की बात समझने की क्षमता होती है। आप शीघ्र ही लोगों को अपनी ओर आकृष्ट कर लेते है। पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मूलांक 7 के जातक दिमाग के तेज होते हैं इनकी स्मरण शक्ति भी सुदृढ़ होती है। समस्याओ से न ही घबराते है और न ही डर कर भागते है बल्कि उसका डटकर मुकाबला करते है। इसी कारण ऐसा व्यक्ति जो ठान लेते है उसे पूरा करके ही दम लेते है।आप में अनेक खूबियां हैं और आप सैकड़ों में पहचाने जा सकते हैं।आप साहित्य, संगीत,ललित कला या चित्र कला में ये ख्याति अर्जित करते हैं।आप धन की अपेक्षा मान-सम्मान पर यकीन करते हैं।आप अकेला रहना पसंद करते हैं और अपने विचार किसी से साझा नहीं करते।अपने गहरे व्यक्तित्व के कारण इनकी सोच रहस्य से काम नहीं रहती।आप शायद ही किसी पर भरोसा करते हैं।आप धर्म-भीरु होते हैं और अध्यात्म में रूचि रखते हैं।आप दूरदर्शी हैं और आप गूढ़ विषयों के ज्ञाता होते हैं। आपका अंतर्मुखी व्यक्तित्व आपको सबसे अलग थलग रखता है।आप अंदर से तो बहुत मजबूत होते हैं। आप कल्पनाशील, विज्ञान-प्रेमी, एकांत प्रिय दार्शनिक और उन्नत विचार के स्वामी होते हैं।आप नित्य नवीनता पसंद करते हैं और आपकी योजनाएं शायद ही विफल होती हैं।
❌कमियाँ❌
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार आपके विचार किसी भी विषय पर विस्तृत ज्ञान रखते हैं, परन्तु आप उसी विषय से जुडी सूक्ष्म बातें नजरअंदाज कर जाते हैं।आपका अंतर्मुखी व्यक्तित्व आपकी बड़ी कमज़ोरी है। आपके सोच और आपके विचार किसी को पता नहीं रहते और लोग आपके बारे में गलतफहमी के शिकार हो जाते हैं।पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार आप ज़्यादातर अकेला रहना पसंद करते हैं और किसी की दखल आपको पसंद नहीं रहती रिश्तों में भी एक अधूरापन बरक़रार रहता है।आप किसी पर भरोसा नहीं करते और करीबी रिश्तों में ऐसा स्वभाव खोखलापन लाता है।करीबी रिश्तों में लोगों पर भरोसा रखें और थोड़ा घुलें-मिलें।अपने इष्ट मित्र से सलाह नहीं लेना या उनकी सलाह पर ध्यान न देना बहुत बड़ी कमजोरी है।आप बहुत जल्द ही क्रोधित हो जाते हैं जिसके कारण कभी कभी बनता काम बिगड़ जाता है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार किसी कार्य में अपनी भावुकता को हथियार न बनाये।
आप बात बात में झगड़ा करने पर उतारू हो जाते है।
आप तुरंत फैसला नहीं ले पाते है यह आपके लिए बहुत बड़ी कमी है।
👪पारिवारिक तथा दाम्पत्य जीवन👪
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार आपका वैवाहिक जीवन प्रायः सुखी रहता हैं। मूलांक सात से प्रभावित व्यक्ति का प्रेम सम्बन्ध ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाता। आपके स्वतंत्र विचार प्रेम सम्बन्ध को प्रभावित करते है।आप को ये प्रेम में दिखावापन पसंद नहीं है।आप परिवार और समाज के सम्बन्ध में सोचते है इस कारण आपका पारिवारिक सम्बन्ध अच्छा होता है।पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार भाई बहनों के साथ आपका व्यवहार अच्छा रहेगा। भाई बहनों के साथ मिलकर कोई व्यवसाय भी कर सकते है। आपकी मित्रता प्रायः स्थायी नहीं होती। सगे सम्बन्धियो से आप रिश्ते को बनाकर रखते है। माता पिता के साथ विचारो की भिन्नता हो सकती है लेकिन अपने माता-पिता के लिए आप हमेशा ही अच्छा सोचते है।
💰आर्थिक स्थिति💰
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार यदि इनके आर्थिक स्थिति की बात करे तो आप अपने परिश्रम के बल पर धन अर्जित करेंगे। मेहनत के अनुरूप धन की प्राप्ति होगी।आप जितना कमाते है उसी के अनुसार खर्च भी करते है।लेकिन दान पुण्य आदि में काफी धन खर्च कर देते हैं।आप मोक्ष प्राप्त करने के लिए कुछ भी खर्च करने के लिए तैयार रहते है।
🌼स्वास्थ्य🌼
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से मूलांक 7 वाले शारीरिक रूप से कमजोर होते है।आप पेट की बिमारी से हमेशा परेशान रहेंगे।मस्तिष्क सम्बन्धी बिमारी जैसे डिप्रेशन आदि से पीड़ित हो सकते है। इसके आलावा अतिरिक्त रक्तचाप कम या ज्यादा होना, त्वचा रोग, नज़र कमजोर होना आदि रोगों के चपेट में आ सकते है।
🎓शिक्षा🎓
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मूलांक 7 वाले जातक की शिक्षा में रूचि होती है। आप के अंदर शिक्षा के प्रति प्रेम है इस कारण आप हमेशा कोई न कोई पढ़ाई करने की तलाश में होते है। स्वास्थ्य के कारण आपकी प्राथमिक शिक्षा में कुछ व्यवधान आ सकता है। परन्तु माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा में ज्यादा दिक्कत नहीं आती है।आपको कोई न कोई विदेशी भाषा का ज्ञान होना चाहिए।विदेशी भाषा को आप अपना कैरियर भी बना सकते है। आपकी रूचि कला एवं गुप्त विद्या में भी होती है।आप गुप्त तथा धार्मिक ग्रंथों को पढना पसन्द करते है।आप परीक्षा में हमेशा सफल ही होंगे ऐसा नहीं है असफलता के बाद सफलता मिलना आपके लिए आयाम बात है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मूलांक 7 के व्यक्तियों के अंदर अन्वेषणात्मक बुद्धि होती है इस कारण आप रिसर्च कार्य करके अच्छा नाम कमा सकते है।आपका झुकाव रहस्यमय एवं गूढ़ विद्याओं की ओर रहता है।आपकी बुद्धि अत्यंत तीक्ष्ण होती है इस कारण आप इंट्यूशन के माध्यम से अपने सामने वाले के चेहरा तक पढने में समर्थ होते है। ऐसा जातक अच्छा ज्योतिषी तथा आध्यात्मिक पुरुष भी हो सकता है।
📰कार्यक्षेत्र📰
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार यदि आपके कार्यक्षेत्र अथवा व्यवसाय की बात की करे तो मूलांक 7 वाले कल्पना-शक्ति व अपनी अभिव्यक्ति को कुशलता पूर्वक अभिव्यक्त करने के कारण की क्षमता के कारण लेखक, दार्शनिक आध्यात्मिक गुरु तथा कवि के रूप में अधिक सफल होते हैं।पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार इसके अलावा आप सरकारी अधिकारी, ज्योतिषी,डॉक्टर,अध्यापक, जज, सलाहकार तथा गाइड आदि के रूप में भी ये कार्य करने वाले होते है।मूलांक सात के जातकों को यात्रा, पर्यटन, सैर-सपाटा करना अच्छा लगता है। आप अच्छे वकील या न्यायाधीश, परामर्शदाता हो सकते हैं। आपको एजेंट का भी कार्य करते हुए देखा गया है। इन लोगों की सहनशक्ति अच्छी होती है। आपको यात्रा करना अच्छा लगता है इसलिए आपको मार्केटिंग के भी कार्य में खूब सफलता मिलती है।
👉सलाह👈
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मूलांक सात वालो को निम्नलिखित उपाय करने चाहिए -
❃आपको केतु ग्रह की उपासना करनी चाहिए।
❃आपको शिवजी की उपासना करनी चाहिए इनके शरण में जाने से आपकी समस्या शीघ्र ही समाप्त हो जायेगी।
❃प्रतिदिन नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करने से आर्थिक समृद्धि, मान सम्मान तथा यश की प्राप्ति होगी।
❃“ॐ गं गणपतये नमः” मन्त्र का जप करना चाहिए इससे ❃आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और आप उत्तरोत्तर आगे बढ़ाते जाएंगे।
❃धूम्रपान करना एवं शराब का सेवन नहीं करे तो अच्छा रहेगा क्योकि केतु मोक्ष कारक ग्रह है और यदि आप कोई व्यसन करते है तो मुक्ति का मार्ग बंद हो जाएगा।
❃आपके लिए शुभ दिशा है ईशान कोण।
❃आपके लिए शुभ धातु है सोना
❃आपके लिए मूलांक 1,2 3 5 7 और 9 वाले जातक सच्चे मित्र हो सकते है।
❃इनके लिए 7,16 व 25 तारीखे और रविवार, सोमवार और गुरुवार के दिन शुभ रहते हैं।
❃रंगों की बात करें तो इनके लिए हल्का पीला व काफ़ूरी रंग अनुकूल होते हैं
❃आपके लिए शुभ रंग खाकी हैं। यदि आप अपने ऑफिस तथा शयनकक्ष के पर्दे, बेडशीट एवं दीवारों के रंग का प्रयोग निर्दिष्ट शुभ रंग में करे तो भाग्य आपका साथ देगा।
📖विवेचना📖
स्वामी ग्रह- केतु
शुभ तारीखें- 7, 16, 25
सहायक तारीखें- 2, 11, 20, 29 एवं 1, 10, 19, 28 तथा 4, 13, 21, 31
शुभ समय- 21 जून से 25 जुलाई
शुभ वर्ष- 7, 16, 25, 34, 43, 52, 61, 70वां वर्ष
सहायक वर्ष- 2, 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65, 74 तथा 1, 10, 19, 37, 46, 55, 64, 73 एवं 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67
निर्बल समय- जनवरी, फरवरी, जुलाई, अगस्त
शुभ दिन- रविवार, सोमवार, बुधवार
सर्वोत्तम दिन- सोमवार शुभ रंग- हरा, हल्का पीला, सफेद, चमकीला
शुभ रत्न- हीरा, लहसुनिया। शुभ धातु- स्वर्ण
रोग- संक्रमण रोग, पसीने की अधिकता, आमाशय दोष, कब्ज, भूख न लगना, अनिद्रा, घबराहट, वातरोग, मंदाग्नि, कफ, रक्त विकार
इष्ट देव- नृसिंह भगवान
व्रत- सोमवार
दान पदार्थ- सोना, लोहा, पंचधातु, जूता, सप्तधान्य, तेल
व्यवसाय- तैराकी, अभिनय, फिल्म, वायुसेना, पर्यटन, ड्राइवरी, जलयान का कार्य, मेडिसिन, चिकित्सा, कृषि, सर्जरी, प्लास्टिक, ललितकला, तरल पदार्थ, कूटनीतिक कार्य, खनिज एवं अनुवादक का कार्य इत्यादि
अनुकूल दिशा- दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पूर्व
प्रतिकूल दिशा- उत्तर-पश्चिम।
Pandit Anjani Kumar Dadhich
Nakastra Jyotish Hub