google24482cba33272f17.html Pandit Anjani Kumar Dadhich : सुनहला

Sunday, 17 March 2024

सुनहला

पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार ज्योतिष शास्त्र मे रत्नों का बहुत महत्व माना गया है। लोग निजी जीवन, करियर व सुख-समृद्धि प्राप्त करने हेतु रत्न धारण करते हैं। हर रत्न का अपना एक अलग प्रभाव होता है।ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे रत्नों के बारे में बताया गया गया है, जिन्हें धारण करने से धन संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है और साथ ही मान्यता है कि धन-संपदा में वृद्धि भी होती है। इन्हीं रत्नों में से एक है सुनहला रत्न।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार सुनहला रत्न बृहस्पति से संबंधित होता है। इसको गुरुवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है। सुनहला को टोपाज के नाम से भी जाना जाता है। सुनहला पुखराज रत्न का ही उपरत्न माना जाता है। सुनहला रत्न को सिट्रीन स्‍टोन भी कहते है। 
सुनहला स्टोन को कैसे पहने?
सिट्रीन स्‍टोन(सुनहला)की अंगूठी को सीधे हाथ की तर्जनी उंगली में पहनना चाहिए और इसे सोने की धातु में या पंचधातु में पहना जा सकता है।
सुनहला स्टोन के लाभ निम्नलिखित है -
सुनहला धारण करने से गुरू ग्रह से संबंधित सभी लाभ प्राप्‍त होते हैं। यह धन और सम्‍मान वृद्ध‍ि में सहायक होता है। सुनहला पहनने से आर्थिक लाभ होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
सिट्रीन स्‍टोन(सुनहला रत्न) मणिपुर चक्र पर कार्य करता है और एनर्जी को बढ़ाता है। यह व्‍यक्‍ति के आसपास फैली नकारात्‍मक ऊर्जा को खत्‍म करता है।
सुनहला रत्न मेडिटेशन, मानसिक जागरूकता और आध्‍यात्‍मिक विकास में लाभकारी होता है।

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