फाल्गुन मास और त्योहार
प्रिय पाठकों,
28 फरवरी 2021,रविवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज फाल्गुन मास और इसकेे त्योहारों के बारे में यहाँ सुक्ष्म जानकारी दे रहा हूँ।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार विक्रमी संवत (भारतीय हिन्दू वर्ष) का आखिरी महीना फाल्गुन मास होता है। इस महीने की पूर्णिमा को फाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण इसे फाल्गुन कहा जाता है। फाल्गुन का महीना खुशियों व उल्लास का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं कि फाल्गुन महीना ग्रीष्म ऋतु यानी गर्मी के आगमन का संकेत देता है।इस माह में कई मुख्य त्योहार मनाए जाते हैं जिसमें से मुख्य होली, महाशिवरात्रि, फुलेरा दूज, फाल्गुन पूर्णिमा, फाल्गुन अमावस्या और आमलकी एकादशी हैं। फाल्गुन माह 28 फरवरी से 28 मार्च तक रहेगा।
इस महिने के दौरान भगवान शिव, श्री कृष्ण, विष्णु व चंद्र देव की भी पूजा करने का विशेष महत्व होता है।फाल्गुन माह के दौरान माता सीता की भी पूजा की जाती है।
❁महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा का दिन होता है। महाशिवरात्रि में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र चढ़ाने चाहिए।
❁पूरे फाल्गुन महीने में श्री कृष्ण की पूजा विशेष रूप से की जाती है। फाल्गुन माह में भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा करने से संतान की प्राप्ति होती है और उनके बालरुप की पुजा के लिए फल फूल अबीर एवं गुलाल से पूजन करना चाहिए।फाल्गुन माह मे पर्व मनाया जाता है जिसे फुलेरा दूज कहा जाता है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होने के कारण कई शादियां होती है।
❁फाल्गुन मास के पूर्णिमा के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतिक रुप में भारत में होली मनाई जाती है। इस दिन लोग गींदड़ और गैर नृत्य करते हुए एक दूसरे को गुलाल एवं रंग लगाते है और इसकी शुरुआत में देवी देवताओं को अबीर और गुलाल जरूर अर्पित करना चाहिए। ❁आर्थिक सुख समृद्धि एवं दांपत्य सुख लिए माता पार्वती, मां लक्ष्मी एवं माता सीता की उपासना करना भी बेहद शुभ माना गया है। उन्हें लाल रंग की चीजें एवं सुहाग की चीजें अर्पित करने से वे प्रसन्न होती हैं।

No comments:
Post a Comment