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Wednesday, 6 January 2021

वैदिक ज्योतिष में शुक्र

शुक्र ग्रह ज्योतिष की दृष्टि से विश्लेषण
प्रिय पाठकों, 
6 जनवरी 2021,बुधवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज शुक्र ग्रह के बारे में यहाँ जानकारी दे रहा हूँ।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है। शुक्र को ग्रहों में मंत्रणा का मालिक मानते हैं। बृहस्पति और शुक्र दोनों गुरु माने जाते हैं। शुक्र को दैत्य गुरु और बृहस्पति को देव गुरु माना जाता है। गुरु तत्व की जो भूमिका और गुण है वह शुक्र के अंदर पाया जाता है। जिस कारण से शुक्र को बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक,शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए शुुुुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। शुक्र ग्रह भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा जैसे नक्षत्रों के स्वामी हैं। शुक्र के मित्र ग्रह बुध और शनि है जबकि सूर्य और चंद्रमा शत्रु ग्रह माने जाते हैं। 
किसी भी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह बलवान होता है तो उसका वैवाहिक जीवन हमेशा सुखी बना रहता है। शुक्र पति-पत्नी के बीच प्रेम की भावना को बढ़ाता है तो वहीं प्रेमीयों के जीवन में रोमांस में वृद्धि करता है। इसके अलावा कुंडली में शुक्र के मजबूत होने पर व्यक्ति को तमाम तरह के ऐशोआराम और भौतिक सुखों का आनंद प्राप्त होता है। कुंडली में शुक्र मजबूत होने पर व्यक्ति कला और साहित्य के क्षेत्र में काम करता है।
 किसी भी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता है तो उनके वैवाहिक जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। पति-पत्नि के बीच मतभेद होते हैं। इसके अलावा शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता और भौतिक सुखों का अभाव में हो जाता है। पीड़ित शुक्र के प्रभाव से बचने के लिए जातकों को शुक्र ग्रह के उपाय करने चाहिए।
शुक्र ग्रह को कोरियोग्राफी, संगीतकार, पेंटर, फैशन, डिज़ाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कपड़ा संबंधी व्यवसाय, होटल, रेस्ट्रोरेंट, टूर एंड ट्रेवल, थिएटर, साहित्यकार, फिल्म इंडस्ट्री आदि कार्यक्षेत्रों का मालिक माना जाता है। इनके अलावा शुक्र ग्रह को सौन्दर्य उत्पाद, विद्युत उत्पाद, फैन्सी प्रोडक्ट्स, इत्र, कन्फेक्शनरी, फूल, चीनी, कार, शिप, हवाई जहाज, पेट्रोल आदि वस्तुओं का भी मालिक माना गया है।
शुक्र ग्रह प्रधान व्यक्ति रूप-रंग से सुंदर होता है। उसका व्यक्तित्व विपरीत लिंग के व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करता है। शुक्र के प्रभाव से वह दीर्घायु होता है और स्वभाव से वह मृदुभाषी होता है। शुक्र व्यक्ति को गायन, वादन, नृत्य, चित्र कला के प्रति रूचि पैदा कराता है। शुक्र के प्रभाव से व्यक्ति काम-वासना, भोग विलास संबंधी चीज़ों को अधिक प्राथमिकता देता है। शुक्र प्रधान व्यक्ति चित्रकार, गायक, नर्तक, कलाकार, अभिनेता आदि बनता है। वहीं शुक्र स्त्री को आकर्षक मोटापा भी प्रदान करता है। 
अगर शुक्र खराब हो तो निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं- 
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस व्यक्ति को त्वचा रोग के साथ-साथ स्वप्न दोष जैसे विकार ही घेर लेते हैं। 
❁अगर शुक्र कुंडली में अच्छी स्थिति में नहीं है तो उस व्यक्ति के अंगुठे बिना किसी वजह से खराब हो जाते है या उनका स्वरूप बिगड़ने लगता है।
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस व्यक्ति का व्यक्तित्व आकर्षक नहीं होता है ना तो रंग रुप से और न ही कपड़ो से। 
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस व्यक्ति की कामुक शक्ति कमजोर होती है। इसके प्रभाव से व्यक्तियों को किडनी से संबंधित बीमारी होने का खतरा रहता है। 
❁अगर शुक्र खराब हो तो व्यक्ति को आँखों से सबंधित रोग होता है
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस स्त्री का बार बार गर्भपात होने लगता है।
यदि किसी का शुक्र ग्रह खराब या कमजोर हो तो उन्हें निम्नलिखित उपाय करने चाहिए-
❃अपनी पत्नी का सम्मान करें और साथ ही पराई स्त्री से दूर रहें। 
❃किसी भी स्त्री के साथ अभद्रता कभी न करें। 
❃शुक्र नीच का है तो खुद घर की साफ सफाई रखे और खुद ही कपड़े धोए। 
❃साफ सुथरे कपड़े पहनें और स्नान रोज करें।
❃सुगंधित इत्र या सेंट का उपयोग जरूर करें क्योंकि शुक्र को यह बहुत पसंद है।
❃शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा जरूर करें।
❃शुक्रवार के दिन सफेद रंग के कपड़ों,दूध, दही, चावल, चीनी, आटा, घी, मिश्री, खीर आदि का दान गरीबों में करें।
❃जब भी आप भोजन बनाएं कुछ हिस्सा उसमें से गाय, कौवे और कुत्ते को देने के लिए निकालें।
❃दो मोती ले और उनमें से एक बहते पानी में शुक्रवार को बहा दें दूसरा जीवन भर अपने पास रखें।
❃ शुक्रवार के दिन 'ओम् शुं शुक्राय नम:' मंत्र का जाप जरूर करें।
❃शुक्रवार को खुद भी सफेद वस्त्र धारण करें और सफेद चीजों को ही खाएं।
❃शुक्र की शुभता के लिए काली चीटिंयों को खाने के लिए चीनी डालें। 
❃शुक्र की शुभता के लिए पुरुष को ओपल धारण करना लाभकारी होता है और महिला को हीरा या जरकन पहनना फायदेमंद रहेगा। 
❃शुक्र की दशा ठीक करने के लिए सफेद स्फटिक की माला पहनना भी लाभकारी रहेगा। 
❃नियमित रूप से शुक्रवार को शिव जी को सफेद फूल अर्पित करें। 
❃शुक्र की शुभता के लिए शुक्र स्त्रोत्र का पाठ करना चाहिए। 
लेखक - पंडित अंजनी कुमार दाधीच 
Pandit Anjani Kumar Dadhich
नक्षत्र ज्योतिष हब 
 Nakashtra jyotish Hub
📧panditanjanikumardadhich@gmail.com
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Saturday, 26 December 2020

अंक ज्योतिष अनुसार कैसा रहेगा 2021

अंक ज्योतिष अनुसार कैसा रहेगा 2021
प्रिय पाठकों, 
26 दिसम्बर 2020,शनिवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज अंक ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2021 के वार्षिकफल के बारे में यहाँ कुछ जानकारी दे रहा हूँ।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार सभी को मालूम है कि साल 2020 अब कुछ ही दिनों का मेहमान है जो कि शुरुआत से ही कोरोना की त्रासदी से भरा रहा है और जल्द ही नए साल 2021 का आगमन होने वाला है ऐसे में हर किसी के मन में ये जिज्ञासा है कि साल 2021 उनके लिए कैसा रहने वाला है? 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार इसी जिज्ञासा को शांत करने के लिए अंक ज्योतिष बहुत ही अहम योगदान कर सकती है। अंक ज्योतिष के मूलांक और भाग्यांक से व्यक्ति के जीवन मे होने वाली घटनाओं का विवरण प्राप्त कर सकते है। 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार अंक ज्योतिष के अनुसार आने वाला नया साल 2021 है जिसके प्रत्येक अंक को जोड़ने पर योग पांच प्राप्त होता है अर्थात नए साल 2021 का मूलांक पांच आता है।(2+0+2+1+=5) मूलांक पांच के अधिष्ठाता ग्रह बुध हैं इसलिए मूलांक पांच के इस साल पर बुध ग्रह की सभी विशेषताओं का विशेष प्रभाव होगा। 
अंक ज्योतिष में मूलांक 5 का स्वामी बुध ग्रह को माना जाता है जिन्हें ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। ज्योतिष में बुध बुद्धि,भाषण,वाणी,मैनेजमेंट, व्यापार और वाणिज्य का कारक माना जाता है।
अंक पांच नवीनता और उत्साह को दर्शता है पर इसमें थोड़ी सी गंभीरता की कमी होती है ऐसे इस साल कुछ ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं जिनमें गंभीरता और अनुभव की कमी दिखेगी। लेकिन यह वर्ष उन लोगों के लिए शुभफलदायी और उन्नतिदायक रह सकता है जिनका जन्म किसी भी महीने में 5, 14 और 23 तारीख को हुआ है। इन सभी तिथियों का संबंध मूलांक 5 से है जो वर्ष के अंक से मेल खाता है। ऐसे में साल 2021 मूलांक 5 वालों के लिए शुभ फलदायी रहेगा। इस वर्ष इस मूलांक के लोग अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर कर पाएंगे। भाग्य इन्हें लाभ और उन्नति भी प्रदान करेगा। 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार अंक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह के प्रभाव के कारण आने वाले साल में लोगो के मध्य कम्यूनिकेशन और परस्पर मिलन को दर्शा रहा है अर्थ अर्थात ऐसा संकेत मिल रहा है कि आने वाले साल 2021 में कोरोना महामारी का प्रकोप कम होगा और लोग आपस में मिलेंगे-जुलेंगे और वहीं दूसरी ओर पाबंदियों पर भी लगाम कसेगी। काम धंधे सामान्य होने से एक बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया कोरोना महामारी से उबरते हुए नई ऊर्जा के साथ बिजनेस को नई शुरुआत देगी। 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार सभी ग्रहों में से मूलांक 5 के स्वामी बुध ग्रह को चंचल प्रकृति का माना जाता है। बुध के इसी प्रभाव के कारण समय-समय पर बाजार में बहुत ही तेजी मंदी या उतार-चढाव देखने को मिलेंगे पर बाजार में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रौनक दिखाई देगी। सरकार की नई नई नितियों के कारण कुछ नए व्यापार अस्तित्व में आऐंगे। 
शिक्षक, चिकित्सक, वक्ता, व्यापारी और सलाहकारों के लिए आने वाला साल 2021अच्छा साबित होगा। मिडिया, पत्रकारिता, दवा कंपनियों, दवा विक्रेताओं, रेडीमेड वस्त्रों, श्रृंगार की वस्तुओं के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी साल 2021 सुखद रहने वाला है। सब्जियों के कारोबार से जुड़े लोग भी अगले साल खूब लाभ कमाएंगे। राजनीति में वे व्यक्ति सफल होगें जिनकी कुंडली में बुध की स्थिति अच्छी हो। समय-समय पर मौसम में भी तीव्रता के साथ बदलाव देखने को मिलेंगे। 
लेखक - पंडित अंजनी कुमार दाधीच
Pandit Anjani Kumar Dadhich
नक्षत्र ज्योतिष हब 
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मैं आशा करता हूँ कि आने वाला वर्ष 2021आपके लिए शुभ और मंगलमय हो। पंडित अंजनी कुमार दाधीच की ओर से नववर्ष की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएँ। 
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Thursday, 24 December 2020

मंगल का राशि परिवर्तन

मंगल का राशि परिवर्तन
प्रिय पाठकों, 
24 दिसंबर 2020,गुरुवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज मंगल का राशि परिवर्तन के बारे में यहाँ कुछ जानकारी दे रहा हूँ।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार ग्रहों के सेनापति माने जाने अत्यंत साहसी, निडर व पराक्रमी मंगल ग्रह का आज 24 दिसंबर को राशि परिवर्तन होगा। मंगल ग्रह मीन राशि से निकलकर अपनी स्वराशि मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल ग्रह मेष राशि में करीब 60 दिनों तक रहेंगे अर्थात 22 फरवरी तक मेष राशि में रहने के बाद शुक्र की वृषभ राशि में चले जाएंगे। 
मेष राशि में मंगल का यह गोचर ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण है। मेष मंगल ग्रह की राशि है और कोई भी ग्रह अपनी स्वराशि में उच्च का होता है और जातक को इसके अच्छे फल भी प्राप्त होते हैं।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार मंगल का राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों पर निम्नलिखित परिणाम देगें-
❁मेष राशि - इस राशि वालों की इस गोचर के दौरान अपने लक्ष्यों में सफलता और आर्थिक लाभ की प्राप्ति तथा लव-लाइफ में भी उतार-चढ़ाव। 
❁वृषभ राशि - इस राशि वालों की इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में विवाद और मुश्किलें परन्तु वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने की संभावना। 
❁मिथुन राशि -इस राशि वालों की इस गोचर के दौरान आमदनी में वृद्धि, तरक्की, नए लोगों से मुलाकात, यश और मान मे वृद्धि होगी।
❁कर्क राशि - इस राशि वालों की इस गोचर के दौरान आय और एनर्जी लेवल में वृद्धि होगी।
❁सिंह राशि- इस राशि वालों को इस गोचर के दौरान आर्थिक स्थिति और मेहनत का अच्छा परिणाम होगा। 
❁कन्या राशि- इस राशि वालों को इस गोचर के दौरानकरियर और सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव होगा। 
❁तुला राशि- इस गोचर के दौरान बिजनेस में लाभ, प्रमोशन का योग और आमदनी बढ़ेगी।
❁वृश्चिक राशि- इस राशि वालों को इस गोचर के दौरान आमदनी में इजाफा, नौकरी का योग परन्तु पारिवारिक कलह की संभावना रहेगी।
❁धनु राशि - इस राशि वालों को इस गोचर के दौरान संतान से लाभ और बेवजह खर्चों में वृद्धि की संभावना होगी। 
❁मकर राशि- इस राशि वालों को इस गोचर के दौरान प्रॉपर्टी निवेश से बचे और कार्यक्षेत्र में उतार-चढ़ाव की संभावना होगी। 
❁कुंभ राशि - इस राशि वालों को इस गोचर के दौरान भाग्य एवं आर्थिक स्थिति मजबूत और रूके हुए कार्य भी बनेगें।
❁मीन राशि - इस राशि वालों को इस गोचर के दौरान तरक्की के योग परन्तु आर्थिक हालात में थोड़ा दवाब रहने की संभावना। 
मंगल के राशि परिवर्तन का विश्व पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण परिणाम देखने को मिलेगा - 
मंगल के राशि परिवर्तन का रियल स्टेट पर भी सुखद असर पड़ेगा क्योंकि मंगल भूमि के मालिक होते हैं। करोना संकट के बीच जो रियल एस्टेट का काम थम गया है वह अब गति पकड़ेगा। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े लोगों को भी फायदा होगा। देश के उद्योग धंधों को भी बल मिलेगा और देश में तैयार होने वाले उत्पादों की मांग बढ़ने लगेगी।
मंगल के कारण प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड, भूकंप, गैस दुर्घटना, वायुयान दुर्घटना होने की आशंका रहती है। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा। पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जाएगा। देश के कुछ हिस्सों में हवा के साथ बारिश रहेगी।
मंगल के अशुभ असर से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए -
❖ मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए।
❖ लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए। 
❖ तांबे के बर्तन में गेहूं रखकर दान करने चाहिए। 
❖ लाल कपड़ों का दान करें। 
❖ मसूर की दाल का दान करें। 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच
Pandit Anjani Kumar Dadhich
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Wednesday, 23 December 2020

कैसे होते हैं फरवरी में पैदा हुए लोग

कैसे होते हैं फरवरी में पैदा हुए लोग
प्रिय पाठकों, 
23 दिसंबर 2020,बुधवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज फरवरी में पैदा हुए लोगों के स्वभाव के बारे में यहाँ कुछ जानकारी दे रहा हूँ।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार ज्योतिष की अवधारणा कहती है कि हर इंसान का जन्म एक तय समय, महीने और साल में होता है। हर महीने और दिन की एक अलग खासियत या प्रकृति होती है। और इसी के आधार पर उस इंसान की खूबी, शौक, अच्छाई- बुराई और उसका स्वभाव तय होता है। फरवरी में पैदा होने वाले लोगों के बारे में जानना रुचिकर होगा। 
फरवरी में पैदा होने वाले जातकों पर शनि की राशि कुम्भ का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। क्योंकि कुंभ राशि के स्वामी शनि होते हैं जिनकी यह दूसरी राशि होती है। यह राशि पुरुष जाति की स्थिर संज्ञक विचित्र वर्ण व त्रिदोष प्रकृति की होती है। 
फरवरी में पैदा हुए लोगों का स्वभाव और विशेषताएं निम्नलिखित हैं
❁फरवरी में पैदा हुए लोग काफी सुंदर,आकर्षक व्यक्तित्व के धनी, परोपकारी, विश्वासयोग्य, काम के प्रति ईमानदार, विनम्र, संवेदनशील, रचनात्मक दिमाग वाले, शांतिप्रिय विचारशील, स्पष्ट वक्ता, वाकपटु और बुद्धिमान प्रवृत्ति के  होते है। 
❁प्यार के मामले में वेलेंटाइन डे के महीने में पैदा हुए लोग बेहद रोमांटिक केयरिंग रिलाएबल लवर होते है। ये लोग अपने पार्टनर का चुनाव खूब सोच समझ कर ही करते हैं। इन्हें मैच्योर, सीधे और सच्चे दिल के लोग पसंद आते हैं।  लेकिन प्यार में इनको छिछोरापन बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है प्यार के मामले में ये लोग दोस्ती और प्यार में ही कंफ्यूज रहते हैं। इन लोगों का ईगो इन्हें साथी के सामने झुकने से रोकता है यही वजह है कि 'ब्रेकअप' या फिर 'कोई अफेयर ही नहीं' इनके जीवन की नियति बन जाती है। प्यार में ये लोग अपने दिल की बात सबसे कह देंगे लेकिन जिससे कहना है उससे कभी खुलकर नहीं कह पाएंगे इसी कारण इनका प्यार ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाता है और अगर इनका प्यार ज्यादा समय के लिए टिक जाता है तो ये एक- दूसरे के लिए काफी भाग्यशाली भी होते हैं। 
❁आंखे मुंदकर जल्दी ही किसी पर भी विश्वास करने की प्रवृत्ति के कारण अक्सर धोखा खाते हैं और दुखी रहते है।
❁ये लोग खर्चालु व्यक्तित्व के होने के कारण पैसा खर्च करना पसंद करते है। बचत के बारे में कम ही सोचते हैं।❁फरवरी में पैदा होने वाले लोग काफी इंटेलीजेंट होते हैं लेकिन दुनियादारी में इनकी पढ़ाई- लिखाई बिल्कुल काम नहीं आती।
❁फरवरी में पैदा हुए लोग अपना लक्ष्य पहले से ही निर्धारित कर लेते हैं और धीरे- धीरे प्रगति के पथ पर बढ़ते भी रहते हैं। साथ ही अपने कार्य क्षेत्र में एक विशेष मुकाम भी हासिल करते हैं। लेकिन भाग्य के मामले में थोड़े पिछड़े ही माने जाते हैं।
❁फरवरी में जन्मे लोग जीवन के प्रति महत्वाकांक्षी, धैर्य का अभाव अंधविश्वासी,अच्छे श्रोता और मनोरंजन प्रेमी होते हैं। भावुक होना इनकी कमजोरी है लेकिन इसी भावुकता के कारण लोग इनका फायदा उठाकर बदनाम करने के साथ इनके पैसो पर मौज करते हैं।❁फरवरी में पैदा हुए लोगों को फिजूल के रिश्ते और बातें बनाना बिल्कुल भी पसंद नहीं आता है। वैसे इन्हें समझ पाना ज्यादा मुश्किल नहीं है लेकिन ये लोग अपने आस- पास एक ऐसा रहस्य बनाकर चलते हैं जिससे हर कोई इनकी पर्सनैलिटी को लेकर कंफ्यूज रहता है।
❁फरवरी वाले लोग अक्सर डॉक्टर, लेखक, शिक्षक, चित्रकार, कंप्यूटर विशेषज्ञ या नेता होते हैं। इनसे अलग क्षेत्र में कामयाबी हासिल करने के लिए इन्हें खासा संघर्ष करना पड़ता है। 
❁फरवरी में पैदा होने वाले जातक की कुंडली में गुरु या शनि विपरीत होने पर लीवर, आंत व पैरों में तकलीफ होती हैं। ऐसे में इन जातकों को देवगुरु व शनि की आराधना करनी चाहिए। 
फरवरी में पैदा होने वाले लोगों को निम्नलिखित सलाह दी जाती है-
❖ अपना व्यक्तित्व दृढ़ बनाएं। 
❖ अपने आत्मविश्वास को कभी कमजोर ना पड़ने दें। 
❖ समय के साथ जरूरी परिवर्तन को स्वीकार करें। 
❖ पुरानी विचारधारा को त्यागें तो आप जैसा सलोना इंसान कोई नहीं।
❖ भावुक होना कमजोरी है लेकिन कब और किसके सामने भावुक होना है ये भी पता होना चाहिए।
❖ सूर्य को जल चढ़ाएं
❖ देवगुरु बृहस्पति और शनिदेव की आराधना करनी चाहिए। 
★लकी नंबर : 4,8,12, 22 और 28
★लकी कलर : व्हाइट, बेबी पिंक, मेहरून
★लकी डे : सेटरडे, थर्सडे
★लकी स्टोन : एमरल्ड, एमेथिस्ट
पंडित अंजनी कुमार दाधीच
Pandit Anjani Kumar Dadhich
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Monday, 21 December 2020

घर में सुख शांति बनाए रखने के उपाय

घर में सुख शांति बनाए रखने के उपाय
प्रिय पाठकों, 
21 दिसंबर 2020,सोमवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज घर में सुख शांति बनाए रखने के उपायो के बारे में यहाँ कुछ जानकारी दे रहा हूँ।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार हर व्यक्ति की कामना होती हैं की उसके घर में सदैव सुख समृद्धि बनी रहे। घर का वातावरण स्वर्ग की तरह सकारात्मक उर्जा और प्रेम एवं एक दूसरे के सहयोग से भरा हुआ हो। 
हमारे पूर्वजों ने घर को मंदिर की संज्ञा देते हुए कहा हैं कि जिस घर में परिवार के सभी लोग आपसी तालमेल से रहते हैं उस घर में सदैव सुख शांति बनी रहती हैं। कभी भी उस घर को किसी बुरी नजर नहीं लगती।लेकिन वहीं घर-परिवार का वातावरण अनुकूल नहीं हो तो वह प्रत्येक सदस्य के जीवन को प्रभावित करता है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार अगर किसी के घर में किसी कारण से सुख शांति नहीं है तो परिवार में सुख शांति बनाए रखने के उपाय निम्नलिखित हैं-
❁घर में सुबह-शाम भजन, आरती, पाठ और स्त्रोत्र आदि सुने।
❁घर में कभी भी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखें।उसे पैर नहीं लगाएं और न ही उसके ऊपर से निकलें।वरना घर में बरकत की कमी हो जाती है।
❁बिस्तर पर बैठ कर कभी खाना न खाना चाहिए ऐसा करने से बुरे सपने आते हैं।
❁घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे सीधे करके नहीं रखें। इससे घर में अशांति उत्पन्न होती है।
हमेशा घर में बनी हुई पहली रोटी गाय के लिए जरूर निकालें।
❁अपने घर के पूजा स्थल में सदैव गंंगा जल से भरा एक कलश जरूर रखें।
❁पूजा में उपयोग होने वाली धूप,आरती, दीप, हवन की अग्नि जैसे पवित्रता के प्रतिक साधनों को कभी भी अपने मुंह से फूंक मारकर नहीं बुझाएं। 
❁घर के मुख्य दरवाजे पर दाहिनी तरफ सिंदुर से स्वास्तिक का चिन्ह अवश्य बनाएंं।  
❁तुलसी हमेशा घर के पूर्व या उत्तर दिशा में लगाएं। तुलसी के गमले में दूसरा कोई पौधा ना लगाएं। सूर्यास्त के समय हर रोज घर के आंगन में लगे तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जरूर जलाया करें इससे आपके घर में सदैव सुख शांति का वातावरण बना रहेगा और घर के सभी लोग भी मिल जुलकर रहते हैं। 
❁सुबह मुख्य दरवाजे के बाहर से सफाई करके एक गिलास में गौमूत्र और गंगा जल का पानी छिड़क दें इससे घर में धन की बरकत होती है और बुरी नजर दूर रहती हैं। 
❁अशोक का पेड़ लगाने और उसको सींचने से धन में वृद्धि होती है।
❁अशोक के पेड़ की जड़ का एक टुकड़ा पूजा घर में रखने और रोजाना उसकी पूजा करने से घर में धन की कमी नहीं रहती है।
❁सूर्योदय के समय यदि घर की छत पर काले तिल बिखेर दें तो घर में सुख समृद्धि बनी रहती है।
❁पानी की बाल्टी में 2 चम्मच नमक डाल दें फिर पोंछा लगाएं इससे नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
❁यदि पति-पत्नी में झगड़ा होता रहता है तो पूजा घर में मंगल यंत्र रखें और साथ ही रोज रसोई बनाने के पश्चात् चूल्हे को दूध से ठंडा करें इससे संबंधों में मधुरता आती है।
❁सदा पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोएं। पूर्व की तरफ सिर करके सोने से विद्या की प्राप्ति होती है। दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोने से धन और आयु में वृद्धि होती है।
❁मकान के उत्तरी एवं पूर्वी भाग में खाली जगह अधिक रखना चाहिए इससे व्यापार वृद्धि के साथ आर्थिक उन्नति में भी वृद्धि होती है।
❁तिजोरी के लॉकर में हमेशा दो बॉक्स रखें एक में कुछ रूपए रख कर बंद कर दें और उसमें से रूपए ना निकालें। दूसरे बॉक्स में से काम के लिए रूपए निकालें।
❁घर में पड़ा कबाड़ टूटा-फूटा फर्नीचर, बर्तन, कांच, फटे हुए कपड़े और कतरनें पड़ी हों तो तुरंत घर से निकाल दें।
प्रतिदिन प्रातः पूजा करते समय शंखनाद करना चाहिए। 
❁दांपत्य सुख में कमी हो तो दोमुखी रुद्राक्ष और गौरीशंकर रुद्राक्ष इन दोनों को धारण करने से वह कमी पूरी हो जाती है और दांपत्य सुख की प्राप्ति होती है। 
❁विवाह के बाद जब कन्या की विदाई होने वाली हो तो किसी पीले रंग की धातु के लोटे में गंगाजल लेकर उसमें थोड़ी सी पिसी हल्दी मिलाएं और 1 तांबे का सिक्का डालकर कन्या के ऊपर से नजर उतार दें और उसके आगे गिरा दें इस उपाय से दांपत्य जीवन सदा सुखी रहता है। 
❁कन्या जब ससुराल घर में प्रवेश करती है तो यदि वह चुपचाप मेंहदी में मिले हुए साबुत उड़द गिरा दे और फिर प्रवेश करे तो उसका दांपत्य जीवन सदा सुखी रहता है।
❁यदि पत्नी को पति अधिक समय नहीं दे पाता तो पत्नी केले के वृक्ष का पूजन और देवताओं के गुरु वृहस्पति की आराधना करे तो कुछ ही दिनों में सकारात्मक असर होने लगता है।
❁गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें गुड़ तथा मीठा तेल डालकर जलाएं। फिर इसे घर के मुख्य द्वार के मध्य में रखें इस उपाय से भी घर में शांति बनी रहेगी तथा समृद्धि में वृद्धि होगी।
❁एक नारियल लेकर उस पर काला धागा लपेट दें फिर इसे पूजा स्थान पर रख दें शाम को उस नारियल को धागे सहित जला दें यह टोटका 9 दिनों तक करें।
❁घर में तुलसी का पौधा लगाएं तथा प्रतिदिन इसका पूजन करें और सुबह-शाम दीपक लगाए इस उपाय को करने से घर में सदैव शांति का वातावरण बना रहेगा।
❁अगर घर में सदैव अशांति रहती हो तो घर के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर श्वेतार्क (सफेद आक के गणेश) लगाने से घर में सुख-शांति बनी रहेगी। 
❁यदि किसी बुरी शक्ति के कारण घर में झगड़े होते हों तो प्रतिदिन सुबह घर में गाय के दूध में गंगाजल मिलाकर छिड़के तथा मंगलवार के दिन परिवार के सभी सदस्यों के द्वारा नुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से घर की शुद्धि होती है तथा बुरी शक्ति का प्रभाव कम होता है। 
❁जो व्यक्ति यह समझते हैं कि घर के लोग उसकी बात को गंभीरता से नहीं लेते जबकि वह हमेशा सही होता है तो ऐसे व्यक्ति को नियमित रूप से जल में थोड़ा-सा गुड मिलाकर ओम् घृणिः सूर्याय नमः मंत्र का जाप करने के साथ सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
❁पारिवारिक झगड़े या घर के नित नए क्लेश के कारण मन अशांत रहता है तो मिट्टी के कुल्लड़ में थोड़ा सा कच्चा दूध (बिना उबाला हुआ) लेकर उसमें कुछ बूंदे शहद की मिलाएं और उसे घर की छत,सभी कमरों,आंगन और मुख्य द्वार पर छिड़क देने से राहत मिलेगी।
❁यदि घर में किसी भी चीज की संपन्नता स्थिर नहीं रह पाती है तो महालक्ष्मी यंत्र को स्थापित करें। शाम के समय यंत्र का मन में स्मरण करते हुए श्रीं श्रिययै नमः इस मन्त्र का नियमित जाप करें। आप जितनी अधिक संख्या में इस मंत्र का जाप करेंगे उतना ही लाभ मिलेगा। ध्यान रखें कि महालक्ष्मी यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा किसी विशेषज्ञ पंडित से ही करवाएं।
❁घर में आपको या आपके घर के किसी परिजन को किसी से डर लगता है तो आप पूजा स्थल में किसी विद्वान ब्रह्मण से श्री गायत्री यंत्र की स्थापना करावाए और गायत्री मंत्र का नित्य जाप करे। 
❁यदि आपके घर में प्रतिदिन कोई न कोई मुसीबत आती रहती है और कोई आप पर बुरी शक्तियों का उपयोग कर रहा है तो किसी भी माह के शुक्लपक्ष में सोमवार को किसी विशेषज्ञ पंडित से नवदुर्गा यंत्र को घर के मुख्य द्वार पर लगाकर रोज 21 बार ओम् ह्रीं दुर्गायै नमः मन्त्र का जप करें।
❁यदि घर में कोई न कोई वास्तु से संबंधित दोष हो तो किसी शुभ समय में गंगाजल में पिसी हुई हल्दी मिलाकर उससे घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर नौ अंगुल का स्वास्तिक का चिह्न बना दें।
❁श्रीमद्भागवत गीता के 11वें अध्याय के 36वें श्लोक को सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखकर टांग देने से घर की समस्त बाधाओं का अंत हो सकता है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच
नक्षत्र ज्योतिष हब 
📧panditanjanikumardadhich@gmail.com
Pandit Anjani Kumar Dadhich 
Nakastra Jyotish Hub

Saturday, 19 December 2020

जनवरी में पैदा हुए लोग

कैसे होते हैं जनवरी में पैदा हुए लोग
प्रिय पाठकों, 
19 दिसंबर 2020,शनिवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज जनवरी में पैदा हुए लोगों के स्वभाव के बारे में यहाँ कुछ जानकारी दे रहा हूँ।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार जनवरी में पैदा हुए लोग महत्वाकांक्षी और शक्तिशाली होते हैं।यह लोग जन्मजात नेतृत्व की क्षमता रखने वाले होते हैं और इनकी नेतृत्व क्षमता की दुनिया कायल होती है।ये हमेशा भीड़ में हमेशा अग्रणी खड़े रहते हैं। इनका जिद्दी स्वभाव होता है। ये लोग जीवन के बारे में बेहद गंभीर होते हैं। अक्सर ये लोग दूसरों को खुश करना पसंद करते हैं। ये लोग बहुत अंतर्मुखी नहीं तो बहुत बहिर्मुखी भी नहीं होते हैं।ये लोग स्मार्ट होने के साथ बहुत ही स्टाइलिश और अच्छे कपड़े पहनने वाले होते हैं।ये अच्छा जीवन जीना पसंद करते हैं।
ये लोग प्यार के मामले में बेहद रोमांटिक होते है।ये लोग गहन विचारक प्रवृत्ति के होते हैं। ये लोग दोस्तों और दोस्ती के प्रति वफादार होते है। जनवरी में पैदा हुए व्यक्ति हर समय नई चीजें सीखने और आजमाने के लिए तैयार होते हैं।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार अक्सर जनवरी में जन्में युवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आर्मी, चार्टेड अकांउटेंट, लेक्चररशिप या फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग आदि के व्यवसाय में जाते हैं। 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार जनवरी में पैदा हुए व्यक्तियो निम्नलिखित सलाह दी जाती है-
❁जनवरी वाले हर युवा को सलाह है कि थोड़े से स्वार्थी स्वभाव पर कंट्रोल करें। 
❁कभी-कभी दूसरों के नजरिये से भी दुनिया देखें। 
❁दोस्तों को बेवकूफ समझने की प्रवृत्ति का त्याग करें। किसी का भरोसा ना तोड़ें। 
❁भाग्य का सितारा हमेशा आपके साथ है उसे सही वक्त पर पहचानें।
❖विशेष❖
✤लकी नंबर - 5, 3, 1
✤लकी कलर - डार्क ब्ल्यू, रेड और लाइट येलो
✤लकी डे - थर्सडे, फ्राइडे, संडे
✤लकी स्टोन - गोमेद और ब्लू टोपाज
पंडित अंजनी कुमार दाधीच
नक्षत्र ज्योतिष हब 
📧panditanjanikumardadhich@gmail.com

Thursday, 17 December 2020

दुकान या शो रूम का वास्तु

दुकान या शो रूम का वास्तु
प्रिय पाठकों, 
18 दिसम्बर 2020,शुक्रवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज दुकान या शो रूम का वास्तु के बारे में यहाँ कुछ जानकारी दे रहा हूँ।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार वर्तमान युग में करोड़ो लोग व्यापार को अपनी आजीविका का साधन बनाए हुए है। फिर वह चाहे दुकान हो या शो रूम चाहे किराने का, दवा का, स्टेश्नरी का, गिफ्ट शाप, कपड़े का, सोने चाँदी का, टेलरिंग का,ऑटो पार्ट्स का, मोबाईल का, इलेक्ट्रॉनिक्स का, पेंट्स का, हार्डवेयर का,लोहे का, फर्नीचर का चाहे कोई भी काम हो कोई भी क्षेत्र हो करोडो़ लोग इनसे अपनी आजीविका चला रहे है। 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार इनमें सभी व्यक्ति चाहते है कि उनका व्यापार खूब तरक्की करे। इसके लिए वह अथक प्रयास करता है लेकिन अनेको बार ऐसा भी देखा गया है कि तमाम प्रयासों,अत्यधिक परिश्रम के बावजूद भी उसे संतोषजनक सफलता नहीं मिल पाती है। इसका एक प्रमुख कारण उसकी दुकान,उसके व्यापारिक स्थल का वास्तु दोष भी हो सकता है। अत: व्यापार करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें की उसकी दुकान वास्तु सम्मत है अथवा नहीं।अगर नहीं तो उसमें कितना सुधार किया जा सकता है। ध्यान रहे कि कार्य या व्यापार पर आपके पूरे परिवार का भविष्य निर्भर होता है अत: यदि दुकान में वास्तु दोष है तो उसे अवश्य ही दूर करें। 
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार यहाँ पर दुकान, शो रूम, व्यापारिक प्रतिष्ठान के आसान से वास्तु के निम्नलिखित उपाय बता रहा हूँ जिन्हे करके आप निश्चित रूप से लाभ प्राप्त कर पाएंगे -
❁दुकान का प्रवेश द्वार उतर या पूर्व कि ओर ही होना चाहिए। 
❁दुकानदार को अपने दुकान या आफिस में अपने बैठने की व्यवस्था ऐसे करनी चाहिए कि उसका मुख उत्तर की ओर रहे। उत्तर की दिशा कुबेर की दिशा है अत: इस तरफ मुँह करके बैठने से व्यापार में काफी लाभ होता है। उत्तर की तरह मुख करके बैठने से मस्तिष्क ज्यादा सक्रिय रहता हैं और सामने वाले के ऊपर आपका प्रभाव भी ज्यादा पड़ता है। 
❁दुकानदार अपना कैश बॉक्स और महत्वपूर्ण कागज, चैक-बुक आदि भी अपनी दाहिनी ओर रखना चाहिए।इससे धन लाभ के साथ साथ समाज में मान-प्रतिष्ठा भी बढ़ती है।
❁अगर दुकान में उत्तर की तरफ मुख करके बैठना संभव ना हो तो पूर्व की तरफ मुख करके बैठिए। पूर्व भगवान सूर्य देव की दिशा है इस तरफ चेहरा करके बैठने से भी धन और यश की प्राप्ति होती है। 
❁दुकान के कैश काउंटर,मालिक या मैनेजर के बैठने के स्थान के ऊपर कोई बीम नहीं होना चाहिए। यदि मजबूरी वश वहाँ पर बैठना ही पड़े तो उस बीम को फाल सीलिंग अथवा टाइल्स से अवश्य ही ढक लें और बीम के दोनों और लाल रिबन अथवा कलावा से बाँसुरी को लटका दें। 
❁दुकान या शो रूम में बिक्री काउंटर पर खड़े सेल्समैनों का मुँह भी पूर्व या उत्तर कि ओर ही होना चाहिए। 
❁दुकान या शो रूम के ईशान कोण को खाली एवं बिलकुल साफ रखे। दुकान का मंदिर भी इसी ईशान दिशा अथवा पूर्व दिशा में ही बनायें।
❁जल की व्यवस्था ईशान, उत्तर अथवा पूर्व दिशा में ही करें। 
❁दुकान या शो रूम में शोकेस ,अलमारियाँ और किसी भी प्रकार का भारी फर्नीचर दक्षिण, नेत्रत्य अथवा पश्चिम दिशा में बनवाएं।किसी भी प्रकार का भण्डारण, भारी सामान, तैयार मॉल, मॉल का स्टॉक इसी दिशा में रखें। 
❁अपनी दुकान में ग्राहकों के आने जाने के लिए पूर्व तथा उत्तर की दिशा को खाली रखें। 
❁जो माल जल्दी बेचना चाह रहे हो उसे वायव्य कोण में रखें इससे माल शीघ्र ही बिक जायेगा।
❁अपनी दुकान का तराजू दक्षिण अथवा पश्चिम दिशा में यदि संभव तो दीवार के पास किसी स्टैंड पर लगाकर रखें। 
❁व्यापार में आने वाली बाधाओं और किसी भी प्रकार के वाद विवाद को निपटाने के लिए घर एवं दुकान में क्रिस्टल बॉल एवं पवन घंटियां लटकाएं।
❁अगर दुकान, शो रूम के अंदर छत अर्थात दुछत्ती बनानी हो तो उसे दक्षिण, नैत्रत्य अथवा पश्चिम दिशा में ही बनवाएं।
❁दुकान का उत्तर एवं पूर्व क्षेत्र को अवश्य ही खाली और हल्का रखें। 
❁जूते चप्पल भी ईशान दिशा में कभी ना उतारे उन्हें भी दक्षिण या पश्चिम दिशा में उतार कर रखें।कभी भी अपने आफिस या दुकान के सामने जूते चप्पल ना उतारें। 
❁मुख्य द्वार के दोनों तरफ धात्री और विधात्री का वास, ऊपर विघ्न विनायक गणपति गणेश जी और नीचे श्री देहली का निवास माना जाता है अत: जूते चप्पल मुख्य द्वार के किनारे किसी अलमारी में ही रखने चाहिए।  
❁मालिक और कर्मचारियों को अपने व्यापारिक स्थल को प्रणाम करते हुए दाहिना पैर अंदर रखना चाहिए।
❁दुकान का कचरा दुकान के मुख्य द्वार के सामने नहीं इकट्ठा करें बल्कि उसे समेट कर कहीं दूर फिकवायें। 
कूड़ेदान मुख्य द्वार के सामने नहीं होना चाहिए।
❁ दुकान,आफिस या फैक्ट्री के मुख्य द्वार के सामने द्वारवेध अर्थात बिजली का खम्बा, सीढ़ी या कोई पेड़ ना हो यदि हो तो दर्पण लगाकर उसका उपाय अवश्य ही करें। 
❁दुकान,शो रूम में बिजली का मीटर,स्विच बोर्ड आदि यथसंभव अग्नेय कोण में लगाएं और रौशनी की व्यवस्था उत्तर, ईशान एवं पूर्व की तरफ ही करें।
❁व्यापार में बरकत के लिए दुकान की चौखट पर पवित्र वीसा यंत्र अवश्य ही लगवाएं तथा इसे नित्य सुबह शाम धुप अगरबत्ती अवश्य ही करते रहे।
Pandit Anjani Kumar Dadhich 
Nakastra Jyotish Hub
📧panditanjanikumardadhich@gmail.com