google24482cba33272f17.html Pandit Anjani Kumar Dadhich : #ज्योतिष #वैदिक ज्योतिष #शुक्र
Showing posts with label #ज्योतिष #वैदिक ज्योतिष #शुक्र. Show all posts
Showing posts with label #ज्योतिष #वैदिक ज्योतिष #शुक्र. Show all posts

Wednesday, 6 January 2021

वैदिक ज्योतिष में शुक्र

शुक्र ग्रह ज्योतिष की दृष्टि से विश्लेषण
प्रिय पाठकों, 
6 जनवरी 2021,बुधवार
मैं पंडित अंजनी कुमार दाधीच आज शुक्र ग्रह के बारे में यहाँ जानकारी दे रहा हूँ।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है। शुक्र को ग्रहों में मंत्रणा का मालिक मानते हैं। बृहस्पति और शुक्र दोनों गुरु माने जाते हैं। शुक्र को दैत्य गुरु और बृहस्पति को देव गुरु माना जाता है। गुरु तत्व की जो भूमिका और गुण है वह शुक्र के अंदर पाया जाता है। जिस कारण से शुक्र को बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक,शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए शुुुुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। शुक्र ग्रह भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा जैसे नक्षत्रों के स्वामी हैं। शुक्र के मित्र ग्रह बुध और शनि है जबकि सूर्य और चंद्रमा शत्रु ग्रह माने जाते हैं। 
किसी भी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह बलवान होता है तो उसका वैवाहिक जीवन हमेशा सुखी बना रहता है। शुक्र पति-पत्नी के बीच प्रेम की भावना को बढ़ाता है तो वहीं प्रेमीयों के जीवन में रोमांस में वृद्धि करता है। इसके अलावा कुंडली में शुक्र के मजबूत होने पर व्यक्ति को तमाम तरह के ऐशोआराम और भौतिक सुखों का आनंद प्राप्त होता है। कुंडली में शुक्र मजबूत होने पर व्यक्ति कला और साहित्य के क्षेत्र में काम करता है।
 किसी भी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता है तो उनके वैवाहिक जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। पति-पत्नि के बीच मतभेद होते हैं। इसके अलावा शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता और भौतिक सुखों का अभाव में हो जाता है। पीड़ित शुक्र के प्रभाव से बचने के लिए जातकों को शुक्र ग्रह के उपाय करने चाहिए।
शुक्र ग्रह को कोरियोग्राफी, संगीतकार, पेंटर, फैशन, डिज़ाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कपड़ा संबंधी व्यवसाय, होटल, रेस्ट्रोरेंट, टूर एंड ट्रेवल, थिएटर, साहित्यकार, फिल्म इंडस्ट्री आदि कार्यक्षेत्रों का मालिक माना जाता है। इनके अलावा शुक्र ग्रह को सौन्दर्य उत्पाद, विद्युत उत्पाद, फैन्सी प्रोडक्ट्स, इत्र, कन्फेक्शनरी, फूल, चीनी, कार, शिप, हवाई जहाज, पेट्रोल आदि वस्तुओं का भी मालिक माना गया है।
शुक्र ग्रह प्रधान व्यक्ति रूप-रंग से सुंदर होता है। उसका व्यक्तित्व विपरीत लिंग के व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करता है। शुक्र के प्रभाव से वह दीर्घायु होता है और स्वभाव से वह मृदुभाषी होता है। शुक्र व्यक्ति को गायन, वादन, नृत्य, चित्र कला के प्रति रूचि पैदा कराता है। शुक्र के प्रभाव से व्यक्ति काम-वासना, भोग विलास संबंधी चीज़ों को अधिक प्राथमिकता देता है। शुक्र प्रधान व्यक्ति चित्रकार, गायक, नर्तक, कलाकार, अभिनेता आदि बनता है। वहीं शुक्र स्त्री को आकर्षक मोटापा भी प्रदान करता है। 
अगर शुक्र खराब हो तो निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं- 
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस व्यक्ति को त्वचा रोग के साथ-साथ स्वप्न दोष जैसे विकार ही घेर लेते हैं। 
❁अगर शुक्र कुंडली में अच्छी स्थिति में नहीं है तो उस व्यक्ति के अंगुठे बिना किसी वजह से खराब हो जाते है या उनका स्वरूप बिगड़ने लगता है।
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस व्यक्ति का व्यक्तित्व आकर्षक नहीं होता है ना तो रंग रुप से और न ही कपड़ो से। 
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस व्यक्ति की कामुक शक्ति कमजोर होती है। इसके प्रभाव से व्यक्तियों को किडनी से संबंधित बीमारी होने का खतरा रहता है। 
❁अगर शुक्र खराब हो तो व्यक्ति को आँखों से सबंधित रोग होता है
❁अगर शुक्र खराब हो तो उस स्त्री का बार बार गर्भपात होने लगता है।
यदि किसी का शुक्र ग्रह खराब या कमजोर हो तो उन्हें निम्नलिखित उपाय करने चाहिए-
❃अपनी पत्नी का सम्मान करें और साथ ही पराई स्त्री से दूर रहें। 
❃किसी भी स्त्री के साथ अभद्रता कभी न करें। 
❃शुक्र नीच का है तो खुद घर की साफ सफाई रखे और खुद ही कपड़े धोए। 
❃साफ सुथरे कपड़े पहनें और स्नान रोज करें।
❃सुगंधित इत्र या सेंट का उपयोग जरूर करें क्योंकि शुक्र को यह बहुत पसंद है।
❃शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा जरूर करें।
❃शुक्रवार के दिन सफेद रंग के कपड़ों,दूध, दही, चावल, चीनी, आटा, घी, मिश्री, खीर आदि का दान गरीबों में करें।
❃जब भी आप भोजन बनाएं कुछ हिस्सा उसमें से गाय, कौवे और कुत्ते को देने के लिए निकालें।
❃दो मोती ले और उनमें से एक बहते पानी में शुक्रवार को बहा दें दूसरा जीवन भर अपने पास रखें।
❃ शुक्रवार के दिन 'ओम् शुं शुक्राय नम:' मंत्र का जाप जरूर करें।
❃शुक्रवार को खुद भी सफेद वस्त्र धारण करें और सफेद चीजों को ही खाएं।
❃शुक्र की शुभता के लिए काली चीटिंयों को खाने के लिए चीनी डालें। 
❃शुक्र की शुभता के लिए पुरुष को ओपल धारण करना लाभकारी होता है और महिला को हीरा या जरकन पहनना फायदेमंद रहेगा। 
❃शुक्र की दशा ठीक करने के लिए सफेद स्फटिक की माला पहनना भी लाभकारी रहेगा। 
❃नियमित रूप से शुक्रवार को शिव जी को सफेद फूल अर्पित करें। 
❃शुक्र की शुभता के लिए शुक्र स्त्रोत्र का पाठ करना चाहिए। 
लेखक - पंडित अंजनी कुमार दाधीच 
Pandit Anjani Kumar Dadhich
नक्षत्र ज्योतिष हब 
 Nakashtra jyotish Hub
📧panditanjanikumardadhich@gmail.com
********************************************