सूर्य ग्रहण
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार 21जून 2020 को सूर्यग्रहण आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष आमावस्या को आंशिक कंकण(वलयाकार) सूर्यग्रहण होगा। जो भारत देश में यह ग्रहण दिखाई देगा।कही पर खग्रास सूर्य ग्रहण के रूप में भी दिखाई देगा। भारत में देहरादून, सिरसा और टिहरी कुछ ऐसे प्रसिद्ध शहर हैं जहां वलयाकार सूर्य ग्रहण दिखेगा और देश के बाकी हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा। इसके अलावा नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूऐई, एथोपिया तथा कोंगों में दिखाई देगा।
"शास्त्रानुसार किसी भी सूर्यग्रहण में ग्रहण स्पर्श होने से ठीक 12 घंटे पहले सूतक आरंभ होता है।" पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार किसी भी ग्रहण का सूतक काल स्पर्श काल और मोक्ष काल अति महत्वपूर्ण माने गए है जो निम्नलिखित हैं-
- सूर्य ग्रहण का सूतक काल - 20 जून 2020 रात्रि 10:09 मिनट से आरम्भ।
- सूर्य ग्रहण का स्पर्श समय- 10:09 सुबह 21/06/2020
- सूर्य ग्रहण का मोक्षकाल - 1:36 मिनट पर है।
- सूर्य ग्रहण का पर्वकाल - 3:27 मिनट पर माना गया है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार सूतक काल लगते ही गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि ऐसा माना जाता है कि राहु और केतु के दुष्प्रभाव से गर्भ में पल रहे शिशु का शारीरिक रूप अक्षम हो सकता है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल और सूतक काल में वस्त्र काटने या सिलने, सब्जी काटने और किसी भी तरह की नुकीली वस्तु का प्रयोग करने की मनाही होती है। इसके अलावा सूतक काल लगने से लेकर ग्रहण की समाप्ति तक तेल मालिश करना, जल ग्रहण करना, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कन्घा करना, मञ्जन-दातुन करना तथा यौन गतिविधियों में लिप्त होना प्रतिबन्धित माना जाता है। सूर्य ग्रहण से बारह घण्टे पूर्व से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक भोजन नहीं करना चाहिये। हालांकि बालकों, रोगियों, गर्भवती महिलाओं तथा वृद्धों के लिये भोजन मात्र एक प्रहर यानी तीन घण्टे के लिये ही वर्जित है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार सूर्य ग्रहण का राशियाँ पर पड़ने वाला प्रभाव निम्नलिखित हैं -
मेष- पद-सम्मान की प्राप्ति।
वृषभ- व्यापार में हानि, परेशानी।
मिथुन- घटना-दुर्घटना।
कर्क- चोट की आशंका।
सिंह- जीवनसाथी को सुख।
कन्या- शुभ समाचार।
तुला- वाद-विवाद हो सकता है।
वृश्चिक- परेशानी।
धनु- जीवनसाथी को कष्ट।
मकर- शुभ।
कुंभ- तनाव व मानसिक परेशानी।
मीन- अधिक खर्च रहेगा।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार इस सूर्यग्रहण के समय ग्रह नक्षत्रों में कुछ ऐसे बदलाव होंगे जिससे प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच तनाव और बहस बढ़ सकती है। भारत के आंतरिक और बाहर उथल पुथल हो सकती है। वहीं व्यापारियों के लिए यह ग्रहण अच्छा माना जा रहा है। यह ग्रहण बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का कारक बन सकता है, जिसकी वजह से भूकंप आने, भूस्खलन होने, वर्षा की कमी होने और बहुत तेज हवाओं, आंधी या तूफान के योग बन सकते हैं।
उपाय - अपने इष्ट देवता या इष्ट देवी का ध्यान करें और श्रद्धानुसार दान करे।
9414863294
Pandit Anjani kumar Dadhich
Nakastra jyotish Hub


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