पंडित अंजनी कुमार के अनुसार भारतीय हिन्दू पंचांग के मुताबिक हर वर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि महोत्सव मनाया जाता है। इस साल शारदीय नवरात्र महोत्सव 22 सितंबर 2025 सोमवार के दिन है इस दिन नवरात्रि का पहला दिन है।
पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार शारदीय नवरात्र आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होकर नवमी तिथि में संपन्न हो जाता है। किन्तु इस साल शारदीय नवरात्र पूरे दस दिनों का होगा।
नवरात्रि के दिन शुभ/अशुभ योग
नवरात्रि पर इस बार बुधादित्य राजयोग, भद्र राजयोग, धन योग (चंद्र मंगल युति तुला राशि में), त्रिग्रह योग (चंद्रमा बुध और सूर्य की युति कन्या राशि में), और गजेसरी राजयोग का शुभ संयोग रहने वाला है। नवरात्रि का आरंभ गजकेसरी राजयोग से हो रहा है क्योंकि, गुरु और चंद्रमा एक दूसरे से केंद्र भाव में होंगे। गुरु मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे जिससे गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा।
मां का आगमन और उसका प्रभाव -
हर साल मां दुर्गा का आगमन अलग-अलग सवारी पर होता है और उसका विशेष महत्व माना जाता है। इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। हाथी को बहुत शुभ माना जाता है, जो समृद्धि, प्रगति और खुशहाली का प्रतीक है। भक्तों का विश्वास है कि इस वर्ष मां की कृपा से घर-परिवार और समाज में शांति और बरकत बढ़ेगी।
कलश स्थापना का महत्व -
वैदिक ग्रंथों एवं पुराणों में बताया गया है कि किसी भी पुजा में कलश स्थापना का अपना विशेष महत्व होता है। कलश में ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र, नवग्रह समेत चौसठ योगिनियों सहित सभी देवी-देवताओं का वास होता है और धर्मशास्त्रों के अनुसार नवरात्र में कलश की पूजा करने से सुख- समृद्धि, धन, वैभव, ऐश्वर्य, शांति, पारिवारिक उन्नति तथा रोग-शोक का नाश होता है।
शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं -
1) सुबह 6:09 मिनट से आरंभ हो रहा है जो 8:06 मिनट तक।
2) सुबह 09:11 मिनट से सुबह 10:43 मिनट तक।
3) दोपहर 11:49 मिनट से 12:38 मिनट तक (अभिजीत मुहूर्त)।
दिनांक तिथि व माँ का स्वरूप
22 सितंबर 2025 प्रथमा माँ शैलपुत्री की पूजा
23 सितंबर 2025 द्वितीया माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा
24 सितंबर 2025 तृतीया माँ चंद्रघंटा की पूजा
25 सितंबर 2025 तृतीया माँ चंद्रघंटा की पूजा
26 सितंबर 2025 चतुर्थी माँ कूष्मांडा की पूजा
27 सितंबर 2025 पंचमी माँ स्कंदमाता की पूजा
28 सितंबर 2025 षष्ठी मां कात्यायनी की पूजा
29 सितंबर 2025 सप्तमी माँ कालरात्रि की पूजा
30 सितंबर 2025 अष्टमी माँ सिद्धिदात्री की पूजा
01 अक्टूबर 2025 नवमी माँ महागौरी की पूजा
02 अक्टूबर 2025 विजयादशमी (दशहरा)
नवरात्रि में मां की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु दुर्गा सप्तशती,सिद्ध कुंजिका स्तोत्र दुर्गा चालीसा, देवी कवच, अर्गलास्तोत्र, दुर्गा चालीसा आदि का पाठ करें या
"ओम् ऐं ह्लीं क्लीं चामुण्डायै विच्यै" माला का जाप करें।
