पंडित अंजनी कुमार दाधीच के अनुसार किसी भी शुक्ल पक्ष के गुरुवार (बृहस्पतिवार) के दिन भगवान विष्णु की पंचोपचार विधि से पुजा करने के बाद नारायण कवच का पाठ करना चाहिए। नारायण कवच का पाठ नित्य प्रतिदिन करना चाहिए। नारायण कवच भगवान नारायण (विष्णु) को समर्पित एक प्रार्थना है जिसमें भगवान विष्णु से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा, हर प्रकार के भय को दूर करने की प्रार्थना की गई है। नारायण कवच के पाठ का न्यास सहित वर्णन श्रीमद्भागवत महापुराण के आठवे अध्याय में उल्लेखित किया गया है। नारायण कवच का पाठ अत्यंत प्रभावशाली तथा समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण कर सुख, सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करने वाला भी है।
नारायण कवच का पाठ करने से मिलने वाले अन्य लाभ निम्नलिखित है -
नारायण कवच का पाठ करने से शत्रुओं से और हर एक प्रकार की आपत्तियो से छुटकारा मिलता है।
कोई भी मनुष्य नारायण कवच का पाठ करता है उस मनुष्य को कभी भी प्रेत, पिशाच, राजा आदि से किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता है।
नारायण कवच का पाठ पूरी निष्ठा के साथ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति व सुरक्षा मिलती है।
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